बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा...!
-इक़बाल
लिंक पाएं
Facebook
X
Pinterest
ईमेल
दूसरे ऐप
संभालना अपने अपने दीये
माथे पर सजाकर रौशनी की टोकरी फिर से आया है दीया अंधेरे से दो-दो हाथ करने अपने दिल में जलाए उम्मीदों का उजाला हुंकार भरेगा अंधेरा हाहाकार मचाएगा दीये को डराएगा बुझ जाने का डर दिखाएगा देखिगा कहीं कम न पड़ जाए दीये का हौसला गिर न जाए उसके माथे से रौशनी की टोकरी सुबह सूरज आएगा तो सब संभाल लेगा
टिप्पणियाँ
दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।
ये दीप पर्व आपके और आपके परिजनों के जीवन को खुशियों के प्रकाश से भर कर दे