गुरुवार, मार्च 04, 2010

मर गया तक्षक



मैंने इतने नेवले
पाल लिए हैं अपने इर्द गिर्द

कि अब मुझे
सांपो से तनिक भी खतरा नहीं रहा

मैं अभेद्य हूं
कितने ही ताकतवर सर्पदंश से

मेरा मुलाजिम
बन चुका है तारीख का तक्षक

2 टिप्‍पणियां:

अरूण साथी ने कहा…

मेरा मुलाजिम
बन चुका है तारीख का तक्षक
दिल को छू गया।

कुमार विनोद ने कहा…

भाईजान,तारीख से सावधान रहने की जरूरत है, क्या पता कब आपको मुलाजिम बना ले या अपने मुलाजिम तक्षक को कह दे- जाओ, हर रोज निगलते जाओ, वक्त को, उसके तमाम नरम-गरम लम्हों के साथ